





Artist
Shyam Bihari Das & Jayshree Devi Dasi
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Shyam Bihari Das & Jayshree Devi Dasi
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Shyam Bihari Das & Jayshree Devi Dasi
Lyrics
Lyrics
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Composer
Composer
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Genre
Orchestral Rock
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Theme
Theme
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Label
Sanatana Sankirtan
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Sanatana Sankirtan
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Sanatana Sankirtan
0:00/1:34
Kanha re Kanha
Shyam Bihari Das & Jayshree Devi Dasi


Kanha re Kanha
Kanha re Kanha
Shyam Bihari Das & Jayshree Devi Dasi
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About Song
About Song
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Lyrics
Lyrics
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बस लेता हूं मैं तेरा नाम
जपता हूँ कान्हा सुबहों शाम
तेरे चरणों मे है चारों धाम, मेरे कान्हा…..
मैं करता हूँ तुमको प्रणाम
तुम्ही कृष्ण हो तुम्ही मेरे राम
मेरे बिगड़े बनाए सारे काम, मेरे कान्हा….
ओ मुरली वाले , बंसी मधुर वाले
आया तेरे द्वारे संवारे ,चरणों मे जगह देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को कान्हा ,मीठी धुन सुना देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को श्याम,मीठी धुन सुना देना
श्याम रंग मोर पंख बंसी लिए हाथ मे
मुस्कुराते मुख से बरसे ज्ञान इनकी बात में
धेनु संग हो मगन झूमें गाए ये पवन
धुन मे तेरी रम गए कान्हा धरती ये अम्बर गगन
नन्द के ओ लाला, ब्रज के गोपाला
आया तेरे द्वारे संवारे ,चरणों मे जगह देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को कान्हा ,मीठी धुन सुना देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को श्याम,मीठी धुन सुना देना
शृष्टि का रचयिता तू
कर्मों का फल देता तू
आए जो भी तेरी शरण मे
कष्टों को हर लेता तू
तू ही मेरी तू ही हर आस मे कान्हा
मन मंदिर अरदास मे कान्हा
जीवन मरण का शोक कहाँ मोहे
तू ही जब हर साँस में कान्हा
तू ही राम तू ही कृष्ण, तू ही हरी नाम भी
तू ही आदि तू ही अंत , तू ही गीता ज्ञान भी
तुम बिना ऐ मेरे प्रभु , मेरा क्या वजूद है
तेरा मेरा नाता कान्हा , जन्मो से अटूट है
ओ प्रियतम प्यारे, तुम ब्रज के दुलारे
तेरी बाँट निहारूँ आकर ,मुझको तू अपना लेना
कान्हा रे कान्हा ,तेरी में दीवानी
अपने दीवानी को कान्हा ,मीठी धुन सुना देना
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
बस लेता हूं मैं तेरा नाम
जपता हूँ कान्हा सुबहों शाम
तेरे चरणों मे है चारों धाम, मेरे कान्हा…..
मैं करता हूँ तुमको प्रणाम
तुम्ही कृष्ण हो तुम्ही मेरे राम
मेरे बिगड़े बनाए सारे काम, मेरे कान्हा….
ओ मुरली वाले , बंसी मधुर वाले
आया तेरे द्वारे संवारे ,चरणों मे जगह देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को कान्हा ,मीठी धुन सुना देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को श्याम,मीठी धुन सुना देना
श्याम रंग मोर पंख बंसी लिए हाथ मे
मुस्कुराते मुख से बरसे ज्ञान इनकी बात में
धेनु संग हो मगन झूमें गाए ये पवन
धुन मे तेरी रम गए कान्हा धरती ये अम्बर गगन
नन्द के ओ लाला, ब्रज के गोपाला
आया तेरे द्वारे संवारे ,चरणों मे जगह देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को कान्हा ,मीठी धुन सुना देना
कान्हा रे कान्हा ,तेरा मैं दीवाना
अपने दीवाने को श्याम,मीठी धुन सुना देना
शृष्टि का रचयिता तू
कर्मों का फल देता तू
आए जो भी तेरी शरण मे
कष्टों को हर लेता तू
तू ही मेरी तू ही हर आस मे कान्हा
मन मंदिर अरदास मे कान्हा
जीवन मरण का शोक कहाँ मोहे
तू ही जब हर साँस में कान्हा
तू ही राम तू ही कृष्ण, तू ही हरी नाम भी
तू ही आदि तू ही अंत , तू ही गीता ज्ञान भी
तुम बिना ऐ मेरे प्रभु , मेरा क्या वजूद है
तेरा मेरा नाता कान्हा , जन्मो से अटूट है
ओ प्रियतम प्यारे, तुम ब्रज के दुलारे
तेरी बाँट निहारूँ आकर ,मुझको तू अपना लेना
कान्हा रे कान्हा ,तेरी में दीवानी
अपने दीवानी को कान्हा ,मीठी धुन सुना देना
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
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